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portada Hudadang (in Hindi)
Type
Physical Book
Language
Hindi
Pages
164
Format
Paperback
ISBN13
9789395697927

Hudadang (in Hindi)

Charan Singh (Author) · Redgrab Books Pvt Ltd · Paperback

Hudadang (in Hindi) - Charan Singh

New Book Imported to Netherlands
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Synopsis "Hudadang (in Hindi)"

हुड़दंग जैसे किताब का शीर्षक है। वैसे ही कहानी है। यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जो लापरवाह है। जिसका मन पढ़ने कम लगता है और फ़िल्म देखने मे ज्यादा। एक दिन बॉर्डर फ़िल्म देखकर करन की इच्छा होती है कि वह भी फौज में जाये। फौज में जाकर वह देश सेवा करे और अपने तिरँगे को किसी बार्डर में लहराये।करन अभी ये सब सोच ही रह था तभी उसकी गर्लफ्रेंड उससे कहती है-"करन तुम फौजी क्यो नही बन जाते?" करन वर्षा की बात को कैसे टाल सकता था। उसने मन मे ठान लिया कि वह भी फौजी बनेगा। अगले दिन जब करन का बारहवीं के रिजल्ट आता है और उसके बाबू जी उससे पूँछते है-"बरखुरदार अब क्या करने का इरादा है?" करन फट से कह देता है फौज में जाऊँगा। करन के बाबू जी कहते हैं-"फौज में जाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, पसीना बहाना पड़ता है, दौड़ना पड़ता है। मेहनत और दौड़ तो तुम्हारे बस की है नही। फिर करन अगले दिन से दौड़ने जाने लगता है। वह विनोद यादव के साथ दौड़ की प्रैक्टिस करता है। वो दोनों लखनऊ भर्ती देखने जाते हैं जिस भर्ती में दोनों दौड़ नही निकाल पाते। विनोद ओवर ऐज हो जाता है और उसका फौज में जाने का सपना टूट जाता है। उस दिन करन को विनोद यादव के आंखों में आँसू देखकर अहसास होता जब किसी का सपना टूटता है तब बहुत दर&

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The book is written in Hindi.
The binding of this edition is Paperback.

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